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युविका

और यदि आप मेरे

मेरे बारे मेँ

और यदि आप मेरे जैसे जिज्ञासु हैं तो मन में प्रश्न भी उठा होगा कि लोरेम इप्सम भला होता क्या है, और यदि मेरे जैसे आलसी हैं तो कभी किसी से पूछा नहीं होगा, खोज नहीं की होगी। कल इंटरनेट पर घूमते घामते इस सवाल का जवाब मिल गया। दरअसल यह जान-बूझ-कर-बेमतलब शब्द और वाक्य तब लिखे जाते हैं जब आप को किसी मुद्रलिपि (फॉण्ट) का परीक्षण करना हो। बेमतलब मसौदे से होता यह है कि आप का ध्यान मसौदे के अर्थ की तरफ न जा कर उस की शक्लो-सूरत पर जाता है। हिन्दी के लोरेम इप्सम का नमूना यह रहा्

कौशल और उपकरण

डिज़ाइन बनाना
लचीलापन

शिक्षा

February 2002 -February 2011
और यदि आप मेरे जैसे जिज्ञासु
उस की शक्लो-सूरत पर जाता है। हिन्दी के

और यदि आप मेरे जैसे जिज्ञासु हैं तो मन में प्रश्न भी उठा होगा कि लोरेम इप्सम भला होता क्या है, और यदि मेरे जैसे आलसी हैं तो कभी किसी से पूछा नहीं होगा, खोज नहीं की होगी। कल इंटरनेट पर घूमते घामते इस सवाल का जवाब मिल गया। दरअसल यह जान-बूझ-कर-बेमतलब शब्द 

January 2011 -June 2014
और यदि आप मेरे जैसे जिज्ञासु
उस की शक्लो-सूरत पर जाता है। हिन्दी के

और यदि आप मेरे जैसे जिज्ञासु हैं तो मन में प्रश्न भी उठा होगा कि लोरेम इप्सम भला होता क्या है, और यदि मेरे जैसे आलसी हैं तो कभी किसी से पूछा नहीं होगा, खोज नहीं की होगी। कल इंटरनेट पर घूमते घामते इस सवाल का जवाब मिल गया। दरअसल यह जान-बूझ-कर-बेमतलब शब्द 

अनुभव

March 2014 -कार्य दिवस
इंजीनियर
उस की शक्लो-सूरत पर जाता है। हिन्दी के लोरेम

सुनत सुचना खयालात यायेका अविरोधता गुजरना माहितीवानीज्य बदले मुक्त विकास जिम्मे लचकनहि आवश्यकत लाभो जिम्मे द्वारा सुस्पश्ट भाषा होसके कार्य खयालात वेबजाल और्४५० करते प्रति खयालात शारिरिक करके शीघ्र हैं। सुस्पश्ट सिद्धांत विचरविमर्श मजबुत मेमत अनुकूल करेसाथ चुनने लोगो परस्पर है।अभी लाभान्वित मानव केन्द्रिय विश्वव्यापि पहेला संस्था संपुर्ण करके(विशेष समूह दौरान बढाता सकती उद्योग 

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